Friday, April 10, 2026

hindi post 11

वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक 
लाना न हो मुमकिन
उसे इक खूब-सूरत मोड़ दे कर 
छोड़ना अच्छा

साहिर लुधियानवी

0 comments: